Thursday, 11 January 2018

gharelu hinsa me mahilaye

Aaj Ka Vishay घरेलू हिंसा में महिलाएं * महिलाएं खुद पर हो रहे अत्याचार के लिए सीधे न्यायालय से गुहार लगा सकती है, इसके लिए वकील को लेकर जाना जरूरी नहीं है। अपनी समस्या के निदान के लिए पीडत महिला वकील, प्रोटेक्शन ऑफिसर और सर्विस प्रोवाइडर में से किसी एक को साथ ले जा सकती हैं और चाहे तो खुद ही अपना पक्ष रख सकती है। * भारतीय दंड संहिता 498-ए के तहत किसी शादीशुदा महिला को दहेज के लिए प्रताडित करना कानूनन अपराध है। अब दोषी को सजा के लिए कोर्ट में लाने या सजा की अवधि बढाकर आजीवन कर दी गई है।

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पोक्सो (POCSO)

चर्चा का कारण हाल ही में राज्यसभा ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2019 {POCSO (Amendment) Bill, 2019} को मंजूरी प्रदान ...