धारा 103
सौहार्दपूर्ण समझौता न होने की दशा में ग्राम कचहरी न्यायपीठ द्वारा विवाद की जाँच करना एव उसपर निर्णय देना- जहाँ ग्राम कचहरी का कोई न्यायपीठ द्वारा सौहार्दपूर्ण समझौता नहीं हो सका तो न्यायपीठ उक्त मामले की जाँच करेगी जैसा उचित समक्षती हो वैसी साक्ष्य लेगी और अपना निर्णय देगी यदि उक्त मामले के निर्णय में सदस्यों के बीच किसी तरह की असहमति होता है जो वैसी परिस्थिति में बहुमत का निर्णय ही अभिभावी होगा। परन्तु, इसमें इसके पूर्व अन्तर्विष्ट कोइ भी बात न्यायपीठ के किसी सदस्य को ऐसे निर्णय के विरूद अपनी विमति टिप्पणी अभिलिखित करने से रोकने वाले बात नहीं समक्षी जायेगी।
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