Sunday, 7 January 2018

prachin bharat 2

प्राचीन भारत >> वैदिक साहित्य : 1395. यजुर्वेद :- यजुर्वेद में अनुष्ठानों तथा कर्मकांडों में प्रयुक्त होने वाले श्लोकों तथा मंत्रों का संग्रह है। इसका गायन करने वाले पुरोहित अध्वर्यु कहलाते थे । यजुर्वेद गद्य तथा पद्य दोनों में रचित है। इसके दो पाठान्तर हैं- 1.कृष्ण यजुर्वेद 2. शुक्ल यजुर्वेद कृष्ण यजुर्वेद गद्य तथा शुक्ल यजुर्वेद पद्य में रचित है यजुर्वेद में राजसूय, वाजपेय तथा अश्वमेघ यज्ञ की चर्चा है। यजुर्वेद में 40 मंडल तता 2000 ऋचाएं(मंत्र) है।

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