Friday, 12 January 2018

घारा-109 सरपंच की दाण्डिक शक्तियाँ

घारा-109 सरपंच की दाण्डिक शक्तियाँ

(1)   जब किसी सरपंच को ऐसा विश्वास हो जाय कि लोक प्रशान्ति में बाधा आने वाली है या शांति भंग होने की संभावना हे तो वह तुरन्त रोक थाम के लिए विधि संगत उपाय करेगा और उक्त तथ्यों का जिक्र करते हुए विहित रीति से तामिल कर, किसी व्याक्ति को ऐसा कार्य न करने तथा उसके कब्जा वाला सम्पति के संबंध में कार्रवाई के संबंध में कारवाई करने का निर्देश देगा।

 

(iii)   सरपंच, उपधारा-(i) के अधीन आदेश निर्गत करतें हीं कार्यवाहियाँ अनुमण्डल दण्डधिकारी को पेश करेगा जो विवाद के पक्षकारों, यदि वे चाहें को सुनने के बाद आदेश को संपुष्ट कर सकेंगे या नोटिस को प्रभावोन्मुक्त कर सकेगा।(iii) उपधारा (1) के अधीन पारित आदेश तीस दिनों तक प्रवृत रहेगा। (iv) उपधारा (1) के  अधीन पारित आदेश को संबध्द स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तत्परता से लागू किया जायेगा।

 

विषय वस्तु : ग्राम कचहरी के सिविल क्षेत्राधिकार ( बिहार पंचायत राज अधिनियम की धारा 110 एव 111)

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