Friday, 12 January 2018

धारा 119

धारा 119

डिक्रियों एवं आदेशें की निष्पादन और मुकदमाओं में अभियुक्त को गिरफ्तारी किस प्रकार ग्राम कचहरी द्वारा की जायेगी संबंधित प्रक्रिया

 

1     यदि ग्राम कचहरी के द्वारा गठित न्यायपीठ किसी वाद में कचहरी द्वारा पारित डिक्री को निष्पादन में असमर्थ हो, तो न्यायपीठ ऐसी डिक्रियों को निष्पादन के लिए मुंसिफ के पास भेज देगी जो उस डिक्री का निष्पादन इस तरह करेगा जैसे कि उक्त डिक्री का निष्पादन उक्त मुंशिफ के द्वारा ही पारित किया गया है।

 

2     यदि ग्राम कचहरी का न्यायपीठ किसी मामलें में अपने द्वारा आरोपित जुर्माना, किसी कारण से वसूल करने में असमर्थ समझता हो तो वह एसे जुर्माना, को वसूल करने के लिए अपना अधिरोपित करने वाला आदेश का मुख्य/अपर/अवर/ न्यायाधीश दण्डघिकारी के पास निष्पादन के लिए भेज देगा, जो व्यक्ति उक्त जुर्माना से संबंधित हो जिसपर न्यायपीठ के द्वारा जार्माना दिया गया हो उसके विरूद्ध उक्त जुर्माना को वसूल करेगा मानो कि वह आदेश दण्डाधिकारी ने हीं पारित किया गया है।

 

3     यदि ग्राम कचहरी का न्यायपीठ, किसी मामले के विचारण करने के लिए किसी अभियुक्त की उपस्थिति का होना अनिवार्य समझता हो, लेकिन वह उक्त कथित अभियुक्त का उपस्थिति करने में अपने को असमर्थ समझता हो तो वह (यानी न्यायपीठ) उक्त अभियुक्त का सही पता ठिकना को लिखित करते हुए अभियुक्त को पकड़ने के लिए जमानती वारंट मुख्य/अपर/अवर न्यायिक दण्डाधिकारी के पास भेज देगा, जो कि वारंट पर प्रतिहस्ताक्षर कर उसे थाना प्रभारी के पास भेज देगा, जिसके अधिकार क्षेत्र में कथित अभियुक्त के रहने का पता है और उक्त पदाधिकारी वारंट का निष्पदान करेगा और अभियुक्त की उक्त मुकदमा में विचारण के समय न्यायपीठ के समक्ष पेशी के लिए उपाय करेगा।

 

नियम 29:   (1) नियम 27 के उपनियम (2) के अनुसार विनिश्चिम की गई तारीख को यदि डिक्री की रकम न चुकाई जाए तो या सम्पत्तिा जैसा भी हो प्रदान न की जाय तो डिक्री पाने वाले पार्टी (व्यक्ति) सरपंच के समक्ष प्रार्थना करते हुए आवेदन देगा कि जारी की गई डिक्री का इजराय की जाय।

 

नियम 30:   यदि ग्राम कचहरी का न्यायपीठ किसी वाद में अपने द्वारा पारित डिक्री को निष्पादन करने में असमर्थ समझे, तो न्यायपीठ ऐसी डिक्रीयों के निस्पादनार्थ मुंसिफ के पास भेज देगा जो उस डिक्री का निस्पादन इस तरह से करेगा मानो कि वह डिक्री मुशिफ के द्वारा पारित है।

 

नियम 31:   जब कभी किसी अभियुक्त को जुर्माना चुकाने की सजा दी जाय तो सरपंच उस जुर्माना की वसूली  के लिए कार्रवाइ करेगा, यदि ग्राम कचहरी न्यायपीठ किसी मामलें में अपने द्वारा पारित जुर्माना, किसी कारणवश वसूल करने में असमर्थ समझता हो या असमर्थ हो जाये तो न्यायपीठ ऐसा जुर्माना अधिरोपति करने वाला आदेश फारम 8 में मुख्य/अपर/अवर न्यायिक दण्डाधिकार के पास निस्पादन को भेज देगा जो संबध्द व्यक्ति जिसपर जुर्माना का आदेश पारित किया गया है । इससे जुर्माना इस प्रकार से वसूल करेगा मानो वह आदेश विवादित मामलें में उक्त दण्डधिकारी द्वारा ही पारित किया गया है।

 

 Registers Maintain by Gram Katchahary- ग्राम कचहरी द्वारा बहियों की देखभाल करना अथवा बनाये रखना।

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