घारा 28
यदि न्यायापीठ के समाधान के अनुरूप यह साबित हो जाये कि किसी वाद की पूर्णत: या अंशत: किसी कानूनी करार या समझौते से तय कर लिया गया हे अथवा प्रतिवादी अगर वाद सें संबंधित रकम पूर्णत: या अंशत वादी को चुका दिया है तो न्यायापीठ ऐसे करार, समझौता या भुगतान को लिख लेगा और जहाँ तक वाद के संबंध रहेगा, वहाँ तक ऊपर बताए गए करार आदि के अनुसार ही डिक्री का आदेश पारित करेगा।
a विषय वस्तु : ग्राम कचहरी द्वारा पारित आदेश/डिक्री का कार्यान्वयन ( धारा 119 नियमावली 29, 30 एवं 31)
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